Friday, July 31, 2015

बस यूँ ही...

खामोश ज़िन्दगी है अल्फ़ाज़ चाहिए, 
मुझको मेरे ग़मों से निजात चाहिए..

Thursday, July 30, 2015

गुज़र गयीं

गुज़र गए हैं दिन सारे, गुज़र गयीं वो रातें भी,
गुज़र गयीं वो अनछुई शामों की मुलाकातें भी,
गुज़र गया हर एक  लम्हा जिनमें थी चंद बातें भी,
गुज़र गयी हर एक यादें जिनमें थी चंद सांसें भी......